March 2, 2026 6:05 am

Author - मुकुल सरल

क्या अब भाषा से तय होगी नागरिकता?

IIT बॉम्बे का AI टूल भाषा और उच्चारण से नागरिकता पहचानने का दावा करता है। जानिए क्यों विशेषज्ञ इसे खतरनाक और अमानवीय प्रयोग मान रहे हैं।

लो जी! ED के कमाल से अब छगन भुजबल भी मनी लॉन्ड्रिंग केस में बरी

महाराष्ट्र सदन घोटाले में ED केस से छगन भुजबल की बरी होने के बाद भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’, जांच एजेंसियों की निष्पक्षता और राजनीतिक पैटर्न पर सवाल।

क्या अब जजों को भी जनता बचाएगी?

संभल हिंसा मामले में पुलिस अधिकारियों पर FIR का आदेश देने वाले CJM विभान्शु सुधीर का तबादला और डिमोशन। वकीलों का विरोध और न्यायिक स्वतंत्रता पर उठते सवाल।

अरावली पर जन आंदोलनों की हुई जीत

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा बदलने वाले अपने आदेश पर रोक लगा दी है। जानिए कैसे जनआंदोलन और पर्यावरणीय चिंता ने सरकार की सिफारिशों को चुनौती दी।

असम का कार्बी आंगलोंग क्यों जल रहा है?

असम के कार्बी आंगलोंग में भड़की हिंसा के पीछे क्या हैं असली कारण? आदिवासी बनाम बाहरी विवाद, भूमि अधिकार, छठी अनुसूची और हिमंत बिस्वा सरमा सरकार की भूमिका का विस्तृत...

अब मुस्लिम उत्पीड़न का सवाल भी बर्दाश्त नहीं

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में सोशल वर्क के प्रश्नपत्र में मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर सवाल पूछने के बाद प्रोफेसर के निलंबन का मामला। क्या भारत में शिक्षा और अकादमिक...

नये साल के एडवांस तोहफ़े में रेल किराया बढ़ा

मोदी सरकार ने एक साल में दूसरी बार रेल किराया बढ़ाया। हादसे, देरी, बदहाल स्टेशन और सुरक्षा संकट के बीच ‘आधुनिकीकरण’ के दावे कितने खोखले हैं—पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Aravalli हमारी Lifeline लेकिन लोगों की चिंताओं को भ्रम बता रहे हैं मंत्री जी!

केंद्र सरकार की नई परिभाषा से अरावली का लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र कानूनी दायरे से बाहर हो सकता है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इससे खनन, निर्माण और पर्यावरणीय तबाही को...

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