August 30, 2026 12:22 pm

Author - भाषा सिंह

1971 में दिल्ली में जन्मी, शिक्षा लखनऊ में प्राप्त की। 1996 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं।
'अमर उजाला', 'नवभारत टाइम्स', 'आउटलुक', 'नई दुनिया', 'नेशनल हेराल्ड', 'न्यूज़क्लिक' जैसे
प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। मैला ढोने जैसी अमानवीय प्रथा पर गहन काम किया है।
दलितों, अल्पसंख्यकों, लैंगिक मुद्दों और अन्य हाशिए के समुदायों पर लेखन के लिए जानी जाती हैं।
2005 में प्रभा दत्त संस्कृति फ़ेलोशिप से सम्मानित हुईं। 2007 में रामनाथ गोयनका पुरस्कार
(प्रिंट, हिंदी) से वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पत्रकार के रूप में सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें
एनएफ़आई फ़ेलोशिप, पैनोस फ़ेलोशिप और परी फ़ेलोशिप भी प्राप्त हुई हैं।
दो पुस्तकों की लेखिका हैं – अनसीन (अदृश्य भारत) और शाहीन बाग: लोकतंत्र की नई करवट

2047 से पहले विकसित भारत क्यों नहीं चाहिए?

प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से विकसित भारत@2047 का लक्ष्य दोहराया। लेकिन सवाल है कि भारत को 2047 तक इंतजार क्यों करना चाहिए? रोजगार, शिक्षा, युवा, महंगाई और सामाजिक...

राहुल गांधी के दांव से बैकफुट पर मोदी सरकार?

राहुल गांधी और विपक्ष ने मानसून सत्र 2026 में छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई, FCRA, परिसीमन और वन नेशन वन इलेक्शन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। जानिए विपक्ष इसे अपनी जीत...

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अडानी के लिए अमेरिका से राहत, महाराष्ट्र में जंगल की जमीन

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर युवाओं ने मनाया जश्न। आंदोलनकारियों ने इसे पहली जीत बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संघर्ष अभी जारी रहेगा।

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