July 15, 2026 4:00 pm
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Author - भाषा सिंह

1971 में दिल्ली में जन्मी, शिक्षा लखनऊ में प्राप्त की। 1996 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं।
'अमर उजाला', 'नवभारत टाइम्स', 'आउटलुक', 'नई दुनिया', 'नेशनल हेराल्ड', 'न्यूज़क्लिक' जैसे
प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। मैला ढोने जैसी अमानवीय प्रथा पर गहन काम किया है।
दलितों, अल्पसंख्यकों, लैंगिक मुद्दों और अन्य हाशिए के समुदायों पर लेखन के लिए जानी जाती हैं।
2005 में प्रभा दत्त संस्कृति फ़ेलोशिप से सम्मानित हुईं। 2007 में रामनाथ गोयनका पुरस्कार
(प्रिंट, हिंदी) से वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पत्रकार के रूप में सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें
एनएफ़आई फ़ेलोशिप, पैनोस फ़ेलोशिप और परी फ़ेलोशिप भी प्राप्त हुई हैं।
दो पुस्तकों की लेखिका हैं – अनसीन (अदृश्य भारत) और शाहीन बाग: लोकतंत्र की नई करवट

क्या धर्मस्थलों का दान भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है?

मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि में करोड़ों रुपये के चढ़ावे और दान सामग्री के कथित गबन का आरोप। दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर CBI...

NEET पेपर लीक रोकने के नाम पर Telegram पर रोक?

NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से पहले Telegram पर रोक को लेकर विवाद गहरा गया है। विपक्ष, छात्र और डिजिटल अधिकार समूह सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। जानिए पूरा...

स्टैनफोर्ड में सुंदर पिचाई का विरोध क्यों?

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन समारोह में Google CEO सुंदर पिचाई का छात्रों ने विरोध किया। गाज़ा युद्ध, फ़िलिस्तीन समर्थन और गूगल-इज़राइल संबंधों पर उठे सवालों की...

ममता ने कहा, मोदी का कोई जुमला बंगाल में काम न आएगा!

पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी ने संसद में मोदी सरकार की हार को बड़ा मुद्दा बना दिया है। जानिए SIR, वोटर लिस्ट विवाद और बीजेपी की रणनीति पर ग्राउंड रिपोर्ट।

नारी वंदन की बात कर रहे PM को इन आदिवासी महिलाओं के आंसू नहीं दिख रहे!

मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ आदिवासी महिलाओं का अनोखा और दर्दनाक विरोध। जानिए विस्थापन, पर्यावरण और विकास की पूरी कहानी।

महिला आरक्षण के नाम पर ‘डीलिमिटेशन दांव’ फेल

लोकसभा में महिला आरक्षण के नाम पर लाया गया संवैधानिक संशोधन बिल 2/3 बहुमत नहीं जुटा सका। विपक्ष ने इसे चुनावी स्टंट बताया, जानिए पूरी राजनीतिक कहानी।

महिला आरक्षण या डीलिमिटेशन का खेल!

संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर पहले दिन ही विवाद गहराया। विपक्ष ने मोदी सरकार पर डीलिमिटेशन के बहाने राजनीतिक खेल खेलने का आरोप लगाया।

नारी वंदन या डी-लिमिटेशन का खेल

महिला आरक्षण बिल और डी-लिमिटेशन को लेकर देश में राजनीतिक विवाद तेज। जानिए कैसे उत्तर-दक्षिण संतुलन, OBC प्रतिनिधित्व और 2029 चुनाव पर पड़ सकता है असर।

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