March 2, 2026 6:11 pm

Author - भाषा सिंह

1971 में दिल्ली में जन्मी, शिक्षा लखनऊ में प्राप्त की। 1996 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं।
'अमर उजाला', 'नवभारत टाइम्स', 'आउटलुक', 'नई दुनिया', 'नेशनल हेराल्ड', 'न्यूज़क्लिक' जैसे
प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। मैला ढोने जैसी अमानवीय प्रथा पर गहन काम किया है।
दलितों, अल्पसंख्यकों, लैंगिक मुद्दों और अन्य हाशिए के समुदायों पर लेखन के लिए जानी जाती हैं।
2005 में प्रभा दत्त संस्कृति फ़ेलोशिप से सम्मानित हुईं। 2007 में रामनाथ गोयनका पुरस्कार
(प्रिंट, हिंदी) से वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पत्रकार के रूप में सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें
एनएफ़आई फ़ेलोशिप, पैनोस फ़ेलोशिप और परी फ़ेलोशिप भी प्राप्त हुई हैं।
दो पुस्तकों की लेखिका हैं – अनसीन (अदृश्य भारत) और शाहीन बाग: लोकतंत्र की नई करवट

बिहार चुनाव का एग्ज़िट पोल थ्रिलर: दोनों खेमों की ‘मानसिक जंग’

बिहार विधानसभा चुनाव में एग्ज़िट पोल्स NDA को बढ़त दिखा रहे हैं, लेकिन तेजस्वी यादव का आत्मविश्वास अलग कहानी कह रहा है। क्या यह आंकड़ों की बाज़ीगरी है या लोकतंत्र का...

Delhi Blast पर सारी खबरें सूत्रों के हवाले से, मनगढ़ंत कहानियों का बोलबाला!

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बिहार के दूसरे चरण के मतदान और एक्जिट-पॉल पर बेबाग भाषा की गहन पड़ताल — रिकॉर्ड वोटिंग, फर्जी मतदान के आरोप और नकद-राशि व बाहरी वोटर की भूमिका।

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डर, भाषा और लोकतंत्र का गिरता स्तर

बिहार चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी की ‘कट्टा-गोली’ वाली भाषा ने बहस छेड़ दी है। बेबाक भाषा के इस विश्लेषण में पढ़िए कैसे डर, अश्लीलता और ग़ुसपैठिया जैसे शब्द असली मुद्दों...

राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ बम और बिहार चुनाव का बदलता मोर्चा

बिहार चुनाव में राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर भाजपा और चुनाव आयोग को घेरा है। तेजस्वी यादव की रैलियों की भीड़, मोदी के महिला मतदाता कार्ड और ‘डबल वोटिंग’...

ज़मीन से उठीं ये आवाजें वोट में तब्दील होंगी, क्या बदलेगा बिहार!

बिहार की जमीन से सुनी हुई ग्राउंड रिपोर्ट — रोज़गार, स्थायी नौकरियाँ, इन्फ्रास्ट्रक्चर और भाकपा-माले की जमीन पर उपस्थिति; जानिए जनता क्यों नाराज़ है।

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