May 31, 2026 2:11 pm
Home » Archives for राज वाल्मीकि

Author - राज वाल्मीकि

आंबेडकर को याद करना यानी संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ना!

जानिए आज के दौर में बाबासाहेब आंबेडकर के विचार कितने प्रासंगिक हैं, कैसे उनकी विरासत को राजनीति में इस्तेमाल किया जा रहा है और संविधान पर क्या खतरे हैं।

दलितों को पानी का हक दिलाने के लिए बाबासाहेब ने की थी लड़ाई

20 मार्च 1927 को डॉ. आंबेडकर ने महाड़ सत्याग्रह के जरिए दलितों के पानी पीने के अधिकार के लिए ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया। जानिए पूरा इतिहास।

जाति के कीड़े अब भी ज़िंदा हैं

दलित साहित्य के अग्रणी लेखक मोहंदास नैमिशराय हमारे समय की मनुवादी राजनीति और सामाजिक विडंबनाओं पर तीखी टिप्पणी करते हैं। वे कहते हैं — “मनुवादी कीड़े अब भी जीवित हैं।”...

हमारे सिस्टम का लोगों के प्रति संवेदनशीलता से दूर-दूर तक वास्ता नहीं

डॉ. सुमित्रा महरोल की आत्मकथा “टूटे पंखों से परवाज़” और उनका साहित्यिक सफर—पोलियो से विकलांगता झेलते हुए भी शिक्षा, लेखन और समाज के लिए प्रेरणा बनना।

टीचर बन कर क्या करोगी मैडम, आप तो दलित हैं!

जानिए दिल्ली यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीमा माथुर का संघर्षमयी सफर, अंबेडकरवाद से उनका जुड़ाव, दलित जीवन व साहित्य पर उनके विचार और उनकी कविताएं।

आज भी सत्ता को क्यों लगता है ‘ठाकुर का कुआं’ से डर

बेबाक भाषा के दलित डिस्कोर्स कार्यक्रम में वरिष्ठ रचनाकार ओमप्रकाश वाल्मीकि को उनकी जयंती पर याद किया, श्रद्धांजलि दी और बताया कि आज भी ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविता ठाकुर...

ताजा खबर