January 29, 2026 7:10 am
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Manusmriti

जाति के कीड़े अब भी ज़िंदा हैं

दलित साहित्य के अग्रणी लेखक मोहंदास नैमिशराय हमारे समय की मनुवादी राजनीति और सामाजिक विडंबनाओं पर तीखी टिप्पणी करते हैं। वे कहते हैं — “मनुवादी कीड़े अब भी जीवित हैं।”...

डिकोडिंग RSS: दलित चेतना के खिलाफ एक साजिश?

लेखक-विचारक राम पुनियानी बता रहे हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की दलितों के बारे में सोच को विस्तार से, और कैसे दलितों के जातिगत उत्पीड़न से मुक्त होने के आंदोलन को...

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