मनुस्मृति है ही महिला विरोधी। उसमें महिलाओं को हमेशा गुलाम बनाए रखने की साजिश है। मनुस्मृति कहती है कि महिला को बचपन में पिता और भाई के अधीन रहना चाहिए। विवाह होने पर...
Dalit voices
डॉ. सुमित्रा महरोल की आत्मकथा “टूटे पंखों से परवाज़” और उनका साहित्यिक सफर—पोलियो से विकलांगता झेलते हुए भी शिक्षा, लेखन और समाज के लिए प्रेरणा बनना।
RSS प्रमुख मोहन भागवत को खुले पत्र में जाति पर बयान का जवाब। ताज़ा घटनाओं के हवाले से बताया गया कि जाति भारत की आज की सच्चाई है, अतीत नहीं।
जानिए दलित लेखक संघ के अध्यक्ष, मूर्तिकार और कवि हीरालाल राजस्थानी की प्रेरक यात्रा — कला, साहित्य, संगठन और सामाजिक संघर्ष की कहानी।
जानिए दिल्ली यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीमा माथुर का संघर्षमयी सफर, अंबेडकरवाद से उनका जुड़ाव, दलित जीवन व साहित्य पर उनके विचार और उनकी कविताएं।
बेबाक भाषा की विशेष बातचीत में दलित चित्रकार प्रभुदयाल पेंटर ने बताया कैसे संघर्ष के बीच उन्होंने कला और समाज सेवा दोनों को जिंदा रखा।
