February 20, 2026 4:10 am
Home » देशकाल » UGC आंदोलन, ब्राह्मणवाद की बहस और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

UGC आंदोलन, ब्राह्मणवाद की बहस और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

दिल्ली विश्वविद्यालय के UGC आंदोलन के दौरान छात्राओं पर हमला और मॉरिस नगर थाने के अंदर धमकियों का आरोप। पूरी घटना और उठते सवाल पढ़ें।

DU छात्रों पर हमलावर उपद्रवियों ने बनाया दिल्ली पुलिस का मज़ाक | हंगामे का पूरा सच

दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र संगठनों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान जो कुछ हुआ, उसने न केवल महिलाओं की सुरक्षा बल्कि पुलिस की भूमिका, कैंपस की लोकतांत्रिक संस्कृति और सामाजिक न्याय की राजनीति—तीनों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। छात्राओं का आरोप है कि पहले कैंपस में हमला हुआ और उसके बाद मॉरिस नगर थाने के अंदर ही उन्हें भीड़ ने घेरकर धमकाया, अभद्रता की और बलात्कार व लिंचिंग तक की धमकियां दीं—वह भी पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में।

यह रिपोर्ट पूरे घटनाक्रम, पीड़ित छात्रा के बयान और इस विवाद के सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ को विस्तार से प्रस्तुत करती है।

क्या हुआ 13 फरवरी को?

13 फरवरी को देशभर में “वंचित अधिकार दिवस” मनाया जा रहा था। दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठन UGC रेगुलेशन्स लागू करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण सार्वजनिक बैठक कर रहे थे।

पीड़ित छात्रा के अनुसार:

  • कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा था।
  • 12 फरवरी से ही तनाव की स्थिति बननी शुरू हो गई थी।
  • कुछ लोग बार-बार आकर आरोप लगा रहे थे कि आंदोलन “ब्राह्मण विरोधी” है और जातियों के खिलाफ भड़काऊ बातें हो रही हैं—जबकि ऐसा कुछ नहीं कहा जा रहा था।
  • इसके बाद जानबूझकर उकसाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिशें तेज हो गईं।

कैंपस में हिंसा और छात्रा पर हमला

घटना के दौरान एक दलित पत्रकार का फोन छीने जाने की कोशिश हुई। छात्रा जब फोन वापस लेने के लिए भीड़ के बीच पहुंची, तो:

  • उसे पकड़कर जमीन पर पटक दिया गया।
  • सिर में चोट लगने से वह कुछ समय के लिए बेहोश हो गई।
  • आरोप है कि विश्वविद्यालय सुरक्षा और पुलिस मौजूद होने के बावजूद कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ।

छात्र संगठनों का कहना है कि बाहरी तत्व खुलेआम हमला कर रहे थे, लेकिन प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बने रहे।

पुलिस स्टेशन के अंदर 45–55 लोगों की भीड़!

सबसे गंभीर आरोप मॉरिस नगर थाने की घटना को लेकर हैं।

छात्रा के अनुसार:

  • जैसे ही वे थाने पहुंचीं, 45–55 लोगों की भीड़ ने उन्हें पहचानकर घेर लिया।
  • भीड़ ने चिल्लाकर कहा—“इसे पकड़ो, ये आंदोलन वाली है।”
  • 17–18 पुरुषों ने उन्हें पकड़ लिया, उनके कपड़े खींचे गए।
  • थाने के अंदर ही गालियां दी गईं और बलात्कार व लिंचिंग की धमकियां दी गईं।
  • किसी तरह साथियों के साथ एक कमरे में छिपकर उन्होंने खुद को बचाया।
  • बाहर नारे लगाए गए—“देश के गद्दारों को गोली मारो” और “ब्राह्मणवाद जिंदाबाद”।

छात्र संगठनों का सवाल है:
अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर तुरंत लाठीचार्ज और हिरासत की तैयारी हो जाती है, तो थाने के अंदर हिंसक भीड़ पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

ब्राह्मण बनाम ब्राह्मणवाद: विवाद का राजनीतिक आयाम

घटना के बाद इसे “ब्राह्मण विरोध” बनाम “ब्राह्मणवाद विरोध” की बहस में बदल दिया गया।

छात्रा और आंदोलनकारियों का कहना है:

  • आंदोलन किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि ब्राह्मणवाद यानी सामाजिक वर्चस्व की मानसिकता के खिलाफ है।
  • यह लड़ाई सामाजिक न्याय, समान अवसर और प्रतिनिधित्व की है।
  • यह वही संघर्ष है जिसकी विरासत B. R. Ambedkar, Savitribai Phule और Fatima Sheikh से जुड़ी है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि इस मुद्दे को जातीय टकराव के रूप में पेश करना एक राजनीतिक प्रोपेगैंडा है।

पुलिस और प्रशासन पर उठते सवाल

इस पूरे घटनाक्रम से कई गंभीर प्रश्न सामने आते हैं:

  1. थाने के अंदर इतनी बड़ी भीड़ कैसे पहुंची?
  2. महिला सुरक्षा को लेकर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  3. क्या धमकी और हमले के आरोपों पर तुरंत FIR दर्ज की गई?
  4. विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाहरी तत्वों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए?

छात्र संगठनों का आरोप है कि:

  • छह घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण रही।
  • किसी भी आरोपी को तत्काल हिरासत में नहीं लिया गया।
  • यह कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता है।

सामाजिक न्याय की राजनीति और बढ़ता टकराव

आंदोलनकारी इसे एक बड़े सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में देख रहे हैं। उनका कहना है:

  • देशभर के विश्वविद्यालयों में सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और समान अवसर की मांग तेज हो रही है।
  • इससे स्थापित वर्चस्व वाली ताकतों में असहजता बढ़ी है।
  • हाल की घटनाएं इसी “बौखलाहट” का परिणाम हैं।

उनका दावा है कि इस तरह की घटनाएं आंदोलन को कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत करेंगी।

मुकुल सरल

View all posts

ताजा खबर