अहमदाबाद के एक पार्क में कुछ लोग इकट्ठा हुए और एक किताब, ‘आई एम मलाला’ पढ़ने लगे। ‘आई एम मलाला’ पढ़ने पर पिटाई तो होनी ही थी। एक तो उस किताब की...
व्यंग्य
ट्रम्प के ‘Board of Peace’ की घोषणा, ग्रीनलैंड पर नजर, गाज़ा का नाम गायब और एक अरब डॉलर की मेंबरशिप—क्या यह शांति है या तानाशाही?
