उमर खालिद की किताब Fractured Communities: Adivasi History and Politics of Power पर दिल्ली प्रेस क्लब में चर्चा हुई। कार्यक्रम में आदिवासी इतिहास, सत्ता, राष्ट्रवाद...
लोकतंत्र
मोहन भागवत के भाषा के आधार पर घुसपैठियों की पहचान वाले बयान, लखनऊ के दावे और एआई निगरानी की चर्चा पर एक विश्लेषणात्मक लेख।
नसीरुद्दीन शाह के बयान के बहाने जानिए कैसे आज के भारत में सवाल पूछना, असहमति और उर्दू जैसी विरासत को देशद्रोह से जोड़ा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से नाम कटने के खिलाफ ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट में वकील बनकर उतरीं। चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल।
SIR (Special Intensive Revision) के नाम पर तमिलनाडु, गुजरात और बिहार में लाखों वोटरों के नाम कटे। क्या यह वोटर लिस्ट शुद्धिकरण है या लोकतंत्र पर हमला?
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के 68 साल के इतिहास में पहली महिला अध्यक्ष बनीं संगीता बरुआ। पूरे पैनल की 21-0 से जीत और गोदी मीडिया बनाम जनपक्षधर पत्रकारिता की निर्णायक लड़ाई।
