दलित साहित्य के अग्रणी लेखक मोहंदास नैमिशराय हमारे समय की मनुवादी राजनीति और सामाजिक विडंबनाओं पर तीखी टिप्पणी करते हैं। वे कहते हैं — “मनुवादी कीड़े अब भी जीवित हैं।”...
Dalit Literature
डॉ. सुमित्रा महरोल की आत्मकथा “टूटे पंखों से परवाज़” और उनका साहित्यिक सफर—पोलियो से विकलांगता झेलते हुए भी शिक्षा, लेखन और समाज के लिए प्रेरणा बनना।
जानिए दलित लेखक संघ के अध्यक्ष, मूर्तिकार और कवि हीरालाल राजस्थानी की प्रेरक यात्रा — कला, साहित्य, संगठन और सामाजिक संघर्ष की कहानी।
जानिए दिल्ली यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीमा माथुर का संघर्षमयी सफर, अंबेडकरवाद से उनका जुड़ाव, दलित जीवन व साहित्य पर उनके विचार और उनकी कविताएं।
बेबाक भाषा के दलित डिस्कोर्स कार्यक्रम में वरिष्ठ रचनाकार ओमप्रकाश वाल्मीकि को उनकी जयंती पर याद किया, श्रद्धांजलि दी और बताया कि आज भी ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविता ठाकुर...
