बांग्लादेश के एक वाम छात्र संगठन को भारत के एक वाम छात्र संगठन की ओर से बधाई दी गई और हो गया हंगामा…आइए समझते हैं क्या है पूरा मामला
Gen Z protest
उस पर इस नामी बदनामी का कोई फर्क नहीं पड़ता है। वह इस सबसे ऊपर उठ बस कर्म किए जा रहा है। वह कर्म जो उसके मालिक सरकार जी ने उसे सौंपा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर युवाओं ने मनाया जश्न। आंदोलनकारियों ने इसे पहली जीत बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संघर्ष अभी जारी रहेगा।
एक महीने से अधिक चले छात्र आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का राजनीतिक विश्लेषण। क्या यह Gen Z की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक जीत है?
